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मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धान अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की

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मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धान

अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की

मुख्य बिन्दुः-

• इस वर्ष 15 फरवरी तक धान अधिप्राप्ति की समय सीमा

निर्धारित की गई है। इच्छुक किसान समय सीमा में इसका

लाभ उठाएं।

• यह संतोष की बात है कि अब तक 4 लाख 50 हजार

किसानों से 32 लाख 61 हजार मीट्रिक टन की रिकॉर्ड धान

अधिप्राप्ति हो चुकी है।

लक्ष्य के अनुरुप धान अधिप्राप्ति को लेकर तेजी से काम

.

करें।

धान अधिप्राप्ति का भुगतान किसानों को ससमय करते रहें

ताकि उन्हें इसका लाभ मिले।

• उसना चावल मिलों की संख्या और बढायें। अरवा चावल

मिलर्स को उसना चावल मिल में कन्वर्ट करने के लिए प्रेरित

करें।

पटना, 02 फरवरी 2022 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से धान अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की।

बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव श्री विनय कुमार ने प्रस्तुतीकरण

के माध्यम से धान अधिप्राप्ति के संबंध में विस्तृत जानकारी | उन्होंने खरीफ विपणन वर्ष

2021-22 के अंतर्गत धान अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति, लक्ष्य तथा चावल मिलों की अद्यतन

स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चरणबद्ध तरीके से धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया

शुरु की गई है। किसानों को ससमय भुगतान किया जा रहा है, इससे उन्हें काफी फायदा हो

रहा है।

बैठक में सहकारिता विभाग की सचिव बंदना प्रेयसी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम

से धान अधिप्राप्ति कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लक्ष्य के अनुरुप सभी जिलों से

धान का क्रय किया जा रहा है। अब तक 4 लाख 50 हजार किसानों के माध्यम से 32 लाख

61 हजार मीट्रिक टन की रिकॉर्ड धान अधिप्राप्ति की गई है। प्रोक्योरमेंट पोर्टेबिलिटी सिस्टम

लागू की गई है, इसके माध्यम से 35 हजार किसानों द्वारा अब तक 2 लाख 63 हजार मीट्रिक

टन धान अधिप्राप्ति की गई है। उन्होंने बताया कि धान अधिप्राप्ति के लिए 15 फरवरी 2022

तक की समय सीमा निर्धारित की गई है।

माध्यम

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने अपने यहां सबसे पहले पैक्स के

धान अधिप्राप्ति की शुरुआत करायी, इससे किसानों को काफी लाभ हो रहा है। यह

संतोष की बात है कि अब तक 4 लाख 50 हजार किसानों से 32 लाख 61 हजार मीट्रिक टन

की रिकॉर्ड धान अधिप्राप्ति हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 15 फरवरी तक धान

अधिप्राप्ति की समय सीमा निर्धारित की गई है, इच्छुक किसान समय सीमा में इसका लाभ

उठाएं।

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुये कहा कि किसानों को धान अधिप्राप्ति में किसी प्रकार की

समस्या न हो इसके लिए निरंतर निगरानी एवं अनुश्रवण करते रहें। लक्ष्य के अनुरुप धान

अधिप्राप्ति को लेकर तेजी से काम करें। धान अधिप्राप्ति का भुगतान किसानों को ससमय

करते रहें ताकि उन्हें इसका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की हरसंभव

सहायता के लिये पूरी तरह तत्पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उसना चावल की खपत अधिक है। इसको लेकर

उसना चावल के मिलों की संख्या और बढायें। अरवा चावल मिलर्स को उसना मिल में कन्वर्ट

करने के लिए प्रेरित करें।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, विकास आयुक्त श्री अतुल प्रसाद,

मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार एवं मुख्यमंत्री के विशेष कार्यपदाधिकारी श्री गोपाल सिंह

उपस्थित थे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्रीमती

लेशी सिंह, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव श्री विनय कुमार एवं सहकारिता

विभाग की सचिव श्रीमती बंदना प्रेयसी जुड़ी हुई थीं।

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