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शोषितों के मसीहा थे जननायक कर्पूरी ठाकुर

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शोषितों के मसीहा थे जननायक कर्पूरी ठाकुर

बेगूसराय)
महान स्वतंत्रता सेनानी, कुशल राजनीतिज्ञ, सादगी और ईमानदारी की सच्ची प्रतिमूर्ति, शोषितों एवं वंचितों के सशक्त आवाज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती प्रखंड जनता दल यूनाइटेड तेघरा के द्वारा फुलवरिया मुसहरी ग्राम के बिषहर स्थान के प्रांगण में प्रखंड अध्यक्ष देव कुमार की अध्यक्षता में मनाई गई।कार्यक्रम में उपस्थित नेता एवं कार्यकर्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मौके पर पूर्व महिला आयोग की सदस्य सह राज्य परिषद सदस्य रीना चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर गरीबों, दलितों, शोषितों और वंचितों के मसीहा थे .दो बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे फिर भी उनकी सादगी से भरा व्यक्तित्व आज हर नेताओं को उनसे सीख लेने की जरूरत है.
ने कहा कि उन्होंने देश की आजादी की लड़ाई के साथ ही देश में सामाजिक न्याय और समरसता स्थापित करने के लिए व्यापक संघर्ष किया। जिला जिला परिषद सदस्य शिव चंद्र महतो ने अपने संबोधन में कहा कि देश में वंचितों, दलितों एवं पिछड़ों को आरक्षण के लिए पूरे जीवन भर संघर्ष किए इसी का प्रतिफल वंचित समूह आज हर क्षेत्र में भागीदारी सुनिश्चित करने में सफल हो रहे हैं.
अध्यक्षता करते हुए प्रखंड अध्यक्ष देव कुमार ने कहा कि उनका अमूल्य फॉर्मूला था हक चाहिए तो लड़ना सीखो। कदम कदम पर अरना सीखो। जीना है तो मरना सीखो आज यह मूल मंत्र बन गया। मौके पर। जदयू के जिला महासचिव सह प्रदर्शक अशोक कुमार सिंह ने स्वर्गीय जननायक को को सामाजिक न्याय का पुरोधा बताया। लोकसभा के पूर्व प्रभारी चंदन कुमार ने आगत अतिथियों का स्वागत किया। जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रखंड उपाध्यक्ष अविनाश कुमार के द्वारा किया गया। मौके पर बरौनी प्रखंड अल्पसंख्यक सेल के महासचिव हाजी मनसूर, डॉ रामाधार पासवान, किसान प्रकोष्ठ के अरविंद महतों,पकठौल पं स स बिंदू देवी, ललन कुमार,अनिल ठाकुर, पंचायत अध्यक्ष सत्येंद्र राय, चंदन कुमार, शंभू पंडित के अलावे दर्जनों की संख्या में लोग मौजूद थे।

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