घर का खिलौना दे दिया ,
आंगन का चंदा दे दिया ,,
मन दे दिया सब धन दे दिया ,,
बावजूद इसके जब दहेज में दूल्हे को बुलेट नहीं मिला तो दूल्हे ने शादी से इंकार कर दिया ।
ये मामला उसी चम्पारण कि है जहाँ से समाज में कोढ़ कि तरह फैले दहेज़ जैसे कुरीति को मिटाने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने समाज सुधार जैसे कार्यक्रम का शंखनाद इसी मोतिहारी से किया था । लेकिन उनके उस यात्रा का थोड़ा भी प्रभाव दहेज़ दानवों पर नहीं पड़ा है।और यही वजह हुआ की दुल्हन के हाथ में दूल्हे के नाम की खिलखिलाती मेहँदी भी सुख गई पर लड़के वाले बारात लेकर न आए ….
मामला पूर्वी चम्पारण जिले के कल्याणपुर थाना छेत्र के पकड़ी दीक्षित गांव की है जहाँ के रहने वाले पन्नालाल साह ने अपनी बेटी की शादी मुजफ्फरपुर जिले के जाफरपुर निवासी चन्दन कुमार से ठीक किये थे , जिसमे दहेज़ के रूप में चन्दन के परिवार वालो ने लड़की के पिता पन्नालाल से 12 लाख रुपए नगद लिए थे ।
शादी की तारीख तय हुआ और उसी निर्धारित तिथि के अनुसार लड़की वाले ने पूरी तैयारी की पिछले 18 फ़रवरी को बारात आनी थी ।
बारात के स्वागत व ब्याह को लेकर टेंट पंडाल मड़वा सब बन कर तैयार था । बारातियों को खिलाने के लिए भोजन भी तैयार था । साथ साथ शादी के एक दिन पहले होने वाली सभी रश्में भी पुरे धूम धाम से हुई थी जिसका विडियो आप आप देख सकते है ।
लेकिन जिस दिन बारात आनी थी उसी दिन लड़के वाले के यहाँ से पन्नालाल के यहाँ खबर आया की लड़का दहेज़ में बुलेट गाड़ी लेने के लिये जिद्द पर अड़ा हुआ है जिसके बाद पन्नालाल के होश उड़ गए । क्यकी पन्नालाल गरीब परिवार से आते है बावजूद इसके उन्होंने 12 लाख रुपए दहेज़ के दिए साथ साथ दरवाजे पर बारातियों के स्वागत के लिये लाखो रुपए खर्च किया था पर बुलेट नहीं देने के कारण लड़के शादी से साफ तौर पर इंकारा कर गया और बारात नहीं आई । यहाँ तक की पन्नलाल उसी रात लड़के वाले के घर गए पर सभी लोग घर छोड़ फरार हो गए थे जिसके बाद वे स्थानीय थाना में भी गए पर उनकी किसी ने न सुनी । अंततः उन्हीने कल्याणपुर थाना आकर लड़के वाले के खिलाफ आवेदन दिया है जिसके बाद पुलिस अब अपनी कार्यवाई में जुटी हुई है ।
इन सब के बीच आपको बतादे की पन्नलाल की तीन पुत्रियां है जिसमे वे अपनी सबसे छोटी बेटी को ग्रेजुएशन की पढ़ाई कराकर शादी कर रहे थे पर दहेज़ दानवों ने इनके सभी अरमानों पर पानी फेर दिया ।






